पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने लगाया शतक तो पीएम मोदी ने बढ़ती कीमतों के लिए इनको ठहराया जिम्मेदार


नई दिल्लीः बचपन में आपने एक गेम तो जरूर खेला होगा जिसकी लाइन भी खासी मशहूर थी जो कि इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है लाइन में कुछ ऐसा था कि ‘अक्कड़ बक्कड़ बंबे बो अस्सी नब्बे पूरे सो’. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर यह लाइन क्यों वायरल हो रही है उसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण है और वह एक कारण है पेट्रोल और डीजल की बढ़ती हुई कीमतें।

आपको बता दें कि देशभर में पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है और कई राज्यों में तो पेट्रोल 100 के पार पहुंच गया है। ऐसे में अब पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों पर लगातार जोक्स और मीम्स बन रहे हैं जिसके चलते यह लाइन जमकर वायरल हो रही है। यही नहीं इसके अलावा हाल ही में पाकिस्तानी लड़की दानादीर मूवीन की पार्टी से जोड़ते हुए भी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर लोग जोक बना रहे हैं।. 


सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि “यह हमारी कार है यह हम हैं और यह हमारी जेब खाली हो रही है”. एक अन्य यूजर ने लिखा कि कि गाड़ी में ध’क्का लगवाने के लिए बेरोजगार को रख लिया है क्योंकि यह पेट्रोल उस पेट्रोल से सस्ता है. 


पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का ठीकरा पिछली सरकारों को. 

पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमतों से जनता त्राहिमाम कर रही है लेकिन फिर भी पीएम मोदी के बोल कुछ अलग ही सुनाई दे रहे हैं। बता दें कि बीते कई दिनों से पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ते बढ़ते 100 रुपये से पार चली गई हैं। लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल की बढ़ती हुई कीमतों का ठीकरा पिछली सरकारों पर थोप दिया।


उन्होंने कहा कि मध्यमवर्ग को ऐसी कठिनाई नहीं होती अगर पिछली सरकारें ऊर्जा आयात की निर्भरता पर ध्यान देती। उन्होंने आगे कहा कि 2019-20 भारत ने अपनी घरेलू मांगों को पूरा करने के लिए 85% तेल तो 53% गैस का आयात किया था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में एन्नौर-थिरुवल्लूर-बेंगलुरु-पुदुचेरी-नागापट्टिनम-मदुरै-तूतीकोरिन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के रामनाथपुरम थू’थूकु’डी खंड का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर बात कर रहे थे. 


उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि क्या हमें आयात पर निर्भर रहना चाहिए । मैं यहां किसी की आलोचना नहीं करना चाहता हूं लेकिन यह जरूर कहना चाहूंगा कि हमने इस पर ध्यान दिया होता तो हमारे मध्यमवर्ग को यह बोझ नहीं उठाना पड़ता। लेकिन अब स्वस्थ और हरित ऊर्जा के स्रोतों की दिशा में काम करना और ऊर्जा निर्भरता को कम करना ही हमारा सामूहिक दायित्व है. 


2030 तक 40 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादन करेगा भारत


बता दें कि इन दिनों पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं एक ओर जहां राजस्थान में पेट्रोल 100 रुपये के पार चला गया है तो मध्यप्रदेश में भी यह 100 तक पहुंचने वाला है ऐसे में लोगों का यही कहना है कि सरकार आखिर क्या कर रही है लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की कठिनाइयों पर संवेदनशीलता व्यक्त की है. 

उन्होंने कहा कि कि सरकार मध्यम वर्ग की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है और भारत के किसानों और उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए इथेनॉल पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है. 


पीएम मोदी ने आगे कहा कि गन्ने से निकलने वाला इथेनॉल आयात को कम करने में मदद करेगा और किसानों की आय भी बढ़ाएगा। यही नहीं पीएम मोदी ने देश को यह भरोसा भी जताया कि 2030 तक भारत 40% ऊर्जा का उत्पादन करेगा. 



Post a Comment

0 Comments