मोदी ने खेल बजट में 230 करोड़ कटौती की-पटनायक ने स्पॉन्सर किया, अब मोदी के पोस्टर लगेंगे या पटनायक के?


ओलंपिक में भारत की पुरुष एवं महिला हॉकी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन से जहां पूरा देश गौरान्वित हो रहा है वहीं पर सवाल उठ रहे हैं कि खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर सरकार में बैठे लोगों का रवैया कैसा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार इस देश के खिलाड़ियों को लेकर कितना गंभीर हैं और उनकी सुविधाओं पर कितना ध्यान देती है।

इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मोदी सरकार ने खेल बजट में 230 करोड़ की कटौती कर दी है।

इस कटौती के बावजूद कम सुविधाओं के साथ अपनी तैयारी करते हुए तमाम खिलाड़ी अब बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

हालांकि अगर हॉकी टीम की बात करें तो उनकी सुविधाओं और तैयारियों में इतनी दिक्कत नहीं आई क्योंकि उड़ीसा की सरकार ने पुरुष एवं महिला हॉकी टीम को स्पॉन्सर किया है।
ख़बरों के मुताबिक़ इस काम के लिए नवीन पटनायक ने 150 करोड़ का बजट भी दिया है।

गौरतलब है कि ओडिशा सरकार 2018 से पांच साल के लिए पुरुष और महिला दोनों भारतीय हॉकी टीम की प्रायोजक है। ओडिशा एकमात्र ऐसा राज्य है जो पूरे देश में एक राष्ट्रीय खेल को बढ़ावा दे रहा है।

ओडिशा हॉकी का उद्गम स्थल है और राज्य सरकार भारत को वैश्विक हॉकी में अपना दबदबा हासिल करने में मदद करने के लिए हॉकी पर प्रीमियम लगा रही है।

भारतीय पुरुष हॉकी और भारतीय महिला हॉकी टीम दोनों क्रमशः 41 साल बाद ओलंपिक सेमीफाइनल और क्वार्टर में प्रवेश कर रही हैं।

ओडिशा सरकार है स्पांसर

भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी पर एक राज्य का नाम होना हैरान तो करता है लेकिन इसके पीछे एक वजह है। वजह यह है कि ओडिशा की राज्य सरकार भारतीय हॉकी टीमों की स्पांसर है और इसी कारण टीमों की जर्सी पर उसका नाम दिखता है।

किसी भी टीम की जर्सी पर किसी कंपनी या कोई और का नाम तभी लिखा होता है जब वह टीम के साथ किसी तरह से जुड़ी होती है, आमतौर पर स्पॉन्सर के तौर पर. ओडिशा सरकार भी भारतीय टीम की स्पांसर है और इसलिए उसका नाम टीम की जर्सी पर दिखाई देता है।

पहली बार हुआ ऐसा

हॉकी इंडिया और ओडिशा सरकार के बीच यह स्पांसरशिप करार फरवरी 2018 में हुआ था। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और भारत की दोनों टीमों और एचआई के कई बड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी में राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा हुई थी। यह करार पांच साल का है।

ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राज्य ने हॉकी टीम को स्पांसर करने का फैसला किया है। इससे पहले यह कभी नहीं हुआ था। इसी समारोह में ओडिशा सरकार ने एक लोगो भी जारी किया था जो भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों की जर्सी पर दिखाई देता है।

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