पेगासस मामले पर बोले कांग्रेस प्रवक्ता- काश! पुलवामा के पहले दुश्मनों की जासूसी करते तो जवान शहीद न होते

पेगासस जासूसी कांड पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि काश! ये पेगासस आपने पुलवामा से पहले लगवाया होता तो आज देश में पुलवामा कांड नहीं हुआ होता।

पवन खेड़ा ने कहा कि अगर पुलवामा कांड के पहले यह पेगासस लगवा दिया होता तो आज 45 जवानों की जान बच जाती. उनकी शहादत नहीं होती।

आज तक न्यूज चैनल पर पेगासस के मुद्दे पर एक डिबेट में एक सवाल के जवाब में देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि काश ये पेगासस आपने पुलवामा कांड के वक्त लगवा दिया होता तो आरडीएक्स नहीं आया होता।

कम से कम यह मालूम चल गया होता कि ये आरडीएक्स आया कहां से? कम से कम हमारे 45 जवानों की शहादत नहीं हुई होती !

 पवन खेड़ा ने कहा कि आपने अपने लोगों के खिलाफ ही जासूसी करवाई, काश की आपने यह जासूसी देश के दुश्मनों के खिलाफ करवाई होती तो हम भी आपके साथ खड़े होते !

पवन खेड़ा ने भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला से कहा कि अगर आपने यह जासूसी देश के दुश्मनों पर करा दी होती तो आज न उरी पर हमला हुआ होता न पठानकोट हमला हुआ होता..

न पंपोर में होता और न अमरनाथ यात्रा पर हमला हुआ होता लेकिन ये सब नहीं हुआ।

पीएम मोदी और कंेद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि इन दोनों को पूरी भारतीय जनता पार्टी अपनी दुश्मन लगती है, पूरी आरएसएस इन्हें अपनी दुश्मन लगती है।

इन्हें पूरा देश अपना दुश्मन लगता है। इन्होंने किसी को नहीं छोड़ा, सबकी जासूसी कराई।

पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह का नारा है, हम दो और हमारे वो.. जो इजरायल में बैठे हुए हैं। ऐसे देश थोड़े चलता है। आप दो हैं तो पूरा देश आपका है।

आप पूरे देश को साथ लेकर चलिए। आपने अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ पेगासस इस्तेमाल किया, इससे ज्यादा क्या शर्मनाक हो सकता है !

पवन खेड़ा ने कहा कि इन्होंने अपने मंत्रियांे की भी जासूसी कराई। अपने ही नेताओं की पत्नी की जासूसी कराई. इससे भी शर्मनाक कुछ हो सकता है क्या?

भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला से पवन खेड़ा ने कहा कि मान लिजिए, कल को आप मंत्री बन जाए और आपकी पत्नी की जासूसी कराई जाए, ये कितना सही होगा !

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आप जासूसी कराईए इमरान खान की, आप जासूसी कराइए दाउद इब्राहीम की, कौन आपको रोकेगा, लेकिन आप जासूसी करा रहे, अपने ही देश के लोगों की, अपने मंत्रियों की और सीबीआई के डायरेक्टर की।

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