महाराष्ट्र सरकार ने शुरू किया राजीव गांधी के नाम पर IT पुरस्कार, NCP नेता बोले- कंप्यूटर क्रांति के जनक थे राजीव


हाल ही में मोदी सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार रख दिया गया है। जिसकी भाजपा नेताओं द्वारा काफी सराहना की जा रही है। वहीँ कांग्रेस ने इसकी जमकर आलोचना की है।

दरअसल टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम और महिला हॉकी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर करने का फैसला लिया है।

इसी बीच खबर सामने आई है कि महाराष्ट्र की महा विकास आघाडी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर एक पुरस्कार शुरू करने का ऐलान किया है।

इस मामले में एनसीपी नेता नवाब मलिक ने जानकारी साँझा करते हुए बताया है कि महाराष्ट्र सरकार ने कंप्यूटर क्रांति के जनक स्वर्गीय राजीव गांधी के नाम पर आईटी अवार्ड शुरू करने का फैसला लिया है।

निश्चित रूप से देश में कंप्यूटर क्रांति पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सोच से ही आई थी। जब वह देश में कंप्यूटर क्रांति लाने की बात करते थे।

तो लोग उस वक्त कहते थे कि इससे भारत में बेरोजगारी बढ़ेगी। लेकिन इसी आईटी सेक्टर में रोजगार के बड़े साधन उपलब्ध करवाए हैं।

हमें लगता है कि भारत में कंप्यूटर के जनक के रूप में राजीव गांधी को जाना जाता है। इसीलिए हमने आईटी अवार्ड का नाम उनके नाम से रखने का फैसला लिया है। ये अवार्ड सिर्फ आईटी सेक्टर में विशेष काम करने वाले संस्थानों को ही दिया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा बताया गया है कि 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा कहा गया है कि आईटी क्षेत्र में उत्कृष्ट संगठनों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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